घमोरियों से बचने के घरेलू उपाए | Home remedies for prickly heat / Miliaria in hindi

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Miliaria …, जी हाँ घमोरियों का दूसरा नाम है मिलिआरिआ । गर्मियों का समय आते ही दिमाग के किसी कोने में इसका एहसास होने लगता है । मई,जून के महीने जहाँ बच्चों के लिए स्कूल की पढाई से राहत का ज़रिया होते हैं वहीँ ये पसीने की वजह से होने वाली घमोरियों को न्यौता देते हैं।

राहत की बात ये है की घमोरियों का इलाज संभव है और आसान भी । बाज़ार में मिलने वाले सुगन्धित पाऊडर (Talcum powder) इसमें मदद जरूर करते हैं पर इनके अलावा कुछ देसी नुस्खे भी इस खुजली, रूखेपन, जलन और शरीर में पढ़ने वाले दानों से बचा सकते हैं । तो आइये सबसे पहले जानते है के घमोरियां होती क्यों है?

घमोरियां होने का कारण? | What causes prickly heat / Miliaria in Hindi

गर्मियों में घमोरियों का होना एक आम बात है। अत्यधिक पसीना त्वचा के छिद्रों को रोक देता है, जिसकी वजह से हमारे शरीर पर घमोरियां हो जाती है। यह तब होता है जब हमारा पसीना वाष्पीकरण के बजाय त्वचा के नीचे फंस जाता है। यही कारण है कि घमोरियां आमतौर पर त्वचा की परतों, जैसे गर्दन, कमर, बगल और कमर पर देखी जाती हैं।

घमोरियों के लक्षण | Symptoms of prickly heat in hindi

  • त्वचा पर लाल चकत्ते या सूजन वाले क्षेत्र
  • छोटे छाले
  • खुजली और जलन

घमोरियों से बचने के घरेलू उपाए

निम्न चिन्हित कुछ ऐसी सामग्रियां है जो स्वभाव में ठंडी होती है अथवा इनके इस्तेमाल से घमोरियों में काफी राहत मिलती है ।

  • गुलाबजल (Rose water)
  • चन्दन (Sandalwood)
  • एलो वेरा (Aloe vera)
  • ककड़ी (Cucumber)
  • आंवला (Indian gooseberry)
  • मुल्तानी मिट्टी (Fuller’s earth)

1. गुलाबजल और चन्दन के पाउडर का मिश्रण | Rose-Water and Sandal wood mixture to cure prickly heat in hindi

जहाँ चन्दन त्वचा पे होने वाली खारिश को शांत करने में प्रभावी है वहीँ गुलाब जल त्वचा का pH बैलेंस बनाये रखने में मददगारी है। इन दोनों का सही मात्रा (मसलन 4 चम्मच चन्दन के साथ 6 से 7 बूँद गुलाब जल की ) में मिश्रण बनाके कुछ देर फ्रिज (Fridge) में रख दें । इस लेप को खराश, खुजली वाली जगह पे लगाएं और कुछ देर बाद ठन्डे पानी से धो लें। इस प्रक्रिया को दोहराते रहने से कुछ दिनों में घमोरियों का सफाया हो जाएगा।

विधि: 4 चम्मच चन्दन + 6 से 7 बूँद गुलाब जल

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2. बेकिंग सोडा | Use Baking Soda for prickly heat in Hindi

बेकिंग सोडा (Baking Soda) शरीर पे जमी हुई ऊपरी परत निकालने में मदद करता है और pH बैलेंस भी बनाए रखता है । ये इस तरह संक्रमण (Infection) से बचाता है और त्वचा को मुलायम बनाता है । शुष्क हो चुकी त्वचा को हटाकर ये घमोरियों से निजात दिलाने का काफी तेज़ उपाए है ।

विधि: 3 से 5 चमच बेकिंग सोडा गुनगुने पानी में मिला कर इसका घोल त्यार करके लगाए

3. घृतकुमारी/एलो वेरा एवं चाय के पेड़ का तेल | Aloe vera and Tea Tree Oil for treating prickly heat in hindi

एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-Inflammatory) गुणों के कारण एलो वेरा को आयुर्वेद में अत्यधिक हितकारी माना गया है । नमी बनाए रखने के साथ-साथ ये ठंडक पहुँचाने एवं जलन कम करने में भी असरदार है । घृतकुमारी/एलो वेरा में विटामिन सी (Vitamin C), विटामिन ई (Vitamin E) और बीटा केरातिन (Beta Keratin) जैसे गुण होते हैं जो ठंडक देने के साथ साथ और भी कई बीमारियों को मिटाने में मदद करते हैं ।
चाय के पेड़ के तेल में एंटी-बैक्टीरियल (Anti-Bacterial) गुण होते हैं जो संक्रमण से बचने में मदद करते हैं ।

4. मुल्तानी मिट्टी और नीम | Fuller ‘s Earth and Neem for treating prickly heat in hindi

मुल्तानी मिट्टी धूल को सोख लेती है और त्वचा के छिद्रों को जाम होने से बचाती है ।यह संक्रामक कीटाणुओं से भी बचाती है । नीम में एंटी-बैक्टीरियल (Anti-Bacterial) और एंटी-फंगल (Anti-Fungal) गुण होते हैं। इन दोनों को पीसकर लेप बनाके त्वचा पे लगाने से अत्यधिक लाभ होता हैं।

नीम की कुछ पत्तियों को उबाल कर नहाने के पानी में मिलाकर उपयोग करने से भी चर्म रोगों (Skin diseases) में लाभ मिलता है।

5. ककड़ी का गुदा और पुदीना की पत्ती | Cucumber and mint for treatment of prickly heat in Hindi

10 – 15 टुकड़े ककड़ी के 50 ग्राम पुदीना पत्ती के साथ मिलाके मिक्सर में पीस लें । इस लेप में थोड़ा सा गुलाब-जल मिलाके खुजली एवं खराश वाली जगह पे लगाएं । ये उपाए घमोरियों की वजह से होने वाली जलन को दूर करता है।

6. हल्दी | Turmeric for curing prickly heat in hindi

हल्दी भी एक एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti – Inflammatory) पदार्थ है । नमक (salt),हल्दी और मेथी (fenugreek) को बराबर मात्रा में मिलाके पीस लें और इस लेप को नहाने से पहले 5 मिनट तक प्रभावित त्वचा पे लगाएं ।

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7. बर्फ का टुकड़ा | Ice cube for curing prickly heat in hindi

बर्फ के टुकड़े को किसी सूती कपडे में रख कर इस्तेमाल करें। इस से गर्मी में शुष्क हो चुके शरीर के अंगों को राहत और नमी मिलेगी ।

8. नारियल तेल और कपूर | Coconut Oil and Camphor for curing prickly heat in hindi

सुबह-शाम नहाने के बाद नारियल तेल में कपूर मिला के शरीर पे लगाने से भी त्वचा सम्भंधि रोगों में राहत मिलती है ।

9. नीम और तुलसी (Basil)

नीम और तुलसी की पत्तियों का लेप भी घमौरियों को दूर रखने में मदद करता है।

10. मेहँदी (Myrtle)

मेहंदी की तासीर ठंडी होने के कारण ये गर्मी में होने वाले रोगों से बचने में मदद करती है।

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11. खसखस (Poppy) और आंवले का चूर्ण

खसखस और आंवले के चूर्णों को बराबर मात्रा में मिलाकर नियमित रूप से इसका सेवन करें । ये गर्मियों में राहत देने का काम करता है ।

12. प्याज (Onion) का रस और घी (Clarified Butter)

कच्चा प्याज भी गर्मियों में राहत दिलाने में मददगार होता है । प्याज का रस और घी मिलाकर शरीर पे लगाने में काफी राहत मिलती है।

जैसा की कहा गया है “रोकथाम इलाज से बेहतर है”, हम थोड़ा सा सतर्क रह के घमोरियों जैसे रोगों से परेशान होने में बच सकते है। निम्नलिखित कुछ ऐसी युक्तियाँ है जिनके पालन करने से आप घमोरियों से बच सकते है।

  • दिन में कम से कम 3 लीटर पानी पीना चाहिए।
  • दिन में एक बार निम्बू-पानी अवश्य पियें।
  • स्नान नियमित करें एवं ठन्डे पानी से करें।
  • गरम तासीर वाली चीज़ों का सेवन न करें अथवा मिर्च- मसाले का उपयोग कम करें।
  • ढीले कपडे पहनें,बेहतर होगा अगर कपडे सूती हो।
  • छोटे बच्चों का डायपर (Diaper) बार – बार बदलें।
  • प्रभावित छेत्रों को बार बार खुजाने से बचें। ये आदत और ज्यादा खराश का कारण बन सकती है और त्वचा भी खराब कर सकती है।

समापन नोट

ऊपर बताये गए तरीको से आप घर में बैठे ही घमोरियों से छुटकारा पा सकते है। यदि इसके इलावा आपके पास भी कोई नुस्खा है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये और इस आर्टिकल को अपने सभी मित्रो के साथ जरूर शेयर करे। हिंदी में स्वास्थ्य टिप्स पाने के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ते रहे।

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