फैट (वसा) – क्या है, प्रकार, फायदे, नुकसान | Fats in Hindi

इस आर्टिकल में पढ़े

फैट (वसा) हमारे शरीर के लिए जरुरी तीन पोषक तत्वों में से एक है, बाकी दो है प्रोटीन (Protein) और कार्बोहाइड्रेट्स (Carbohydrates)। हलाकि शायद आपको इसका नाम पढ़ कर ऐसा लगे के हमे यह नहीं खाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। यह हमारे शरीर के लिए, शरीर के पोषण के लिए बहुत ही आवश्यक है।

फैट (वसा ) होता क्या है? What is Fat in Hindi

फैट्स कार्बन और हाइड्रोजन से मिलकर बने कार्बनिक अणु (organic molecules) होते है। कार्बन और हाइड्रोजन का मिलन कई तरह से हो सकता है, इसी लिए फैट्स भी कई प्रकार के होते है।

फैट (वसा ) के प्रकार | Types of Fat in Hindi

फैट्स तीन प्रकार के होते है।

  1. असंतृप्त वसा – Unsaturated Fat
  2. संतृप्त वसा – Saturated Fat
  3. ट्रांस वसा – Trans Fat

1. असंतृप्त वसा – Unsaturated Fat in Hindi

असंतृप्त वसा हमारे लिए बहुत ही लाभदायी है। यह हमारे ह्रदय को स्वस्थ रखता है और हमारे शरीर में से गंदे कोलेस्ट्रॉल (Bad cholesterol) को भी काम करता है। यह दो प्रकार के होते है।

  • पॉलीअनसेचुरेटेड फैट्स (Polyunsaturated Fats) – ओमेगा-3 वसा जो की मछली में पाया जाता है| 
    ओमेगा-6 वसा जो की कसाई और सोयाबीन के तेल में पाया जाता है।
  • मोनोअनसेचुरेटेड फैट्स  (Monounsaturated Fats) – यह जैतून (Olive) और कैनोला (Canola) तेल में पाया जाता है। काजू और बादाम में भी यह फैट होता है।

2. संतृप्त वसा – Saturated Fat in Hindi

संतृप्त वसा ज्यादा मात्रा में खाने से हमे हृदय के रोग हो सकते है। यह हमारे खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी बढ़ा देता है।

इस तरह के फैट को जितना कम हो सके उतना खाना चाहिए। यह फैट मास (meat) जैसे गाय का मांस, सुअर का मांस, ताड़ का तेल (Palm oil) में पाया जाता है। अन्य पदार्थ जिनमे यह फैट पाया जाता है वो है – नारियल, आलू, आलू के चिप्स, केक, पिज़्ज़ा।

3. ट्रांस वसा – Trans Fat in Hindi

ट्रांस वसा संसाधित (processed) किये गए असंतृप्त वसा होते है जो के प्रसंस्करण के बाद संतृप्त वसा की तरह हो जाता है। इन्हे खाने से हमारे शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) की मात्रा बढ़ जाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (Good Cholesterol) की मात्रा कम हो जाती है जिसके कारण हमे हृदय की बीमारियां हो सकती है। यह बहुत ही जरुरी है के हम रोज़ाना अपनी डाइट में जितना कम हो सके उतने कम ट्रांस वसा ले ताकि हम स्वस्थ रह सके।


वसा के फायदे | Benefits of Fats in Hindi

हलाकि आजकल हमे बहुत सुनने में आता है की फैट (वसा) नहीं खानी चाहिए परन्तु यह सही नहीं है। हमारे शरीर के सही पोषण के लिए हमे अपनी रोज़ाना डाइट में फैट (वसा) वाली चीज़े जरूर खानी चाहिए। फैट (वसा) से होने वाले फायदे निचे विस्तार में बताये गए है।

दिमाग के लिए फायदेमंद

जो हमारे दिमाग के ऊतक (Brain Tissues) होते है वो ६०% फैट (वसा) से बनते है। यदि हम कम फैट (वसा) वाली डाइट लेंगे तो हमारे दिमाग को इनकी कमी रह जाती है। हमारे दिमाग को अच्छी तरह से विकसित करने के लिए हमे जरुरी मात्रा में फैट (वसा) जरूर खाने चाहिए।

फैट (वसा) प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है

हमारे शरीर के अंदर वाइट ब्लड सेल (White Blood Cell) होते है जो के हमारे शरीर को बिमारियों से बचाते है। अगर वाइट ब्लड सेल (White Blood Cell) में से फैटी एसिड (Fatty Acid) कम हो जायेंगे तो इनकी हमारी शरीर को बिमारियों से बचाने की क्षमता भी कम हो जाएगी।

फेफड़ों के लिए लाभदायक

फेफड़ों के ऊपर को बाहरी परत (Outer coating) होती है वो संतृप्त वसा (Saturated फैट) से बनी होती है। जिनमे संतृप्त वसा (Saturated फैट) की कमी होती है उनको कई बार फेफड़ों में दिक्कत रहती है।

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फैट (वसा) के नुकसान | Side effects of Fat in Hindi

इसमें कोई शक नहीं है के फैट (वसा) के बहुत से फायदे है परन्तु इसका सेवन हमे नियमित मात्रा में करना चाहिए। इसे अधिक मात्रा में खाने से निम्नलिखित नुकसान होते है:

वजन बढ़ना

ज्यादा फैट (वसा) वाले भोजन खाने से हमारा वजन बढ़ सकता है। बहुत ही मुश्किल होता है की हम रोज़ाना वर्जिश करे और अपने आप को पूर्णता तंदरुस्त रखे। हमे आपने खान-पान पर भी ध्यान देना चाहिए। इसलिए फैट (वसा) वाला खाना नियमित मात्रा में खाना ही ठीक है।

नींद की दिक्कत

ज्यादा फैट (वसा) वाले खाने से हमारा वजन बढ़ जाता है और इसी कारण कई बार हमे नींद की भी समस्या आती है। अक्सर जल्दी नींद का न आना, नींद का कम आना जैसी समस्याए पैदा हो सकती है।

ज्यादा फैट (वसा) से हृदय रोग

संतृप्त वसा (Saturated Fat) वाले भोजन यदि हम ज्यादा मात्रा में कहते है तो हमे हृदय रोग भी हो सकता है। होता क्या है के संतृप्त वसा (Saturated Fat) अधिक मात्रा में खाने से हमारे खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है और इसी वजह से हमे हृदय रोग हो सकते है।

अंत में ये ही समापन नोट है के फैट्स (वसा) हमारे लिए लाभदायक है परन्तु केवल नियमित मात्रा में ही। फैट्स (वसा) वाले पदार्थ ज्यादा खाने से हमे बहुत नुकसान हो सकता है।

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